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घर की छत पर टमाटर की खेती | Rooftop Tomato Cultivation Step-by-Step

 परिचय (Introduction):- 


 आजकल बढ़ती महंगाई और chemical युक्त सब्जिया और शहरों में खेतों की कमी लोगों को खुद खेती करने पर प्रेरित कर रही है,। ऐसे में छत पर टमाटर उगना एक स्वस्थ विकल्प ही नहीं बल्कि शहरों में छत पर सब्जी उगाना chemicals से निजात पाना है, जिससे हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। 


अनेक प्रकार के रोगों से मुक्त रख सकते हैं आजकल सब्जियों में काफी मिलावट देखी जा रहा है तरह-तरह की केमिकल सब्जियों को दिया जा रहा है जिसका सीधा असर हमारे शरीर पर दिख रहा है बहुत से काम उम्र में ही किसी को heart का प्रॉब्लम किसी को किडनी का प्रॉब्लम किसी को आंख का प्रॉब्लम एक आम बात हो गया है।


 अंधाधुंध  chemical का उपयोग हमारे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, ऐसे में शहरों में छत पर खेती करना काफी लोकप्रिय हो गया है। अगर आपके पास खेत नहीं है, लेकिन घर की छत, बालकनी या टैरेस है, तो आप आसानी से कम लागत में ताज़ा और जैविक टमाटर उगा सकते हैं।


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इस लेख में हम आपको बीज चयन से लेकर तुड़ाई तक, छत पर टमाटर उगाने की पूरी प्रक्रिया सरल और व्यावहारिक तरीके से बताएँगे, ताकि आप भी अपने घर में उगे ताज़े टमाटर का स्वाद ले सकें।


 तो चलिए अपने घर को हरा भरा बनाने और खुद को स्वस्थ रखने की ओर एक कदम बढ़ाते हैं।

 जलवायु और धूप:- 

 Climate and Sunlight's Rooftop Cultivation of Tomato:-

 टमाटर एक गर्म मौसम की फसल है, जिसे बहुत ज्यादा ठंड या बहुत ज्यादा गर्मी पसंद नहीं होती। छत पर टमाटर उगाने के लिए एक ऐसा मौसम चाहिए जिसमें न ज्यादे गर्मी हो और रात में न ज्यादे ठंडक हो एक सामान्य temprature हो।

 सबसे अच्छा तापमान:-
 दिन का तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस
 रात का तापमान 15 से 22 डिग्री सेल्सियस 

 अगर तापमान इससे ज्यादा हो जाए( 35 डिग्री सेल्सियस ) 

 फूल गिरने लगते हैं
 फल अच्छे से नहीं लगता है 

 और अगर ठंड बहुत ज्यादा हो तो पौधे की बढ़वार रुक जाती है।

 टमाटर के पौधे को रोजाना 6 से 8 घंटे धूप चाहिए होती है, इसलिए गमले को ऐसी जगह पर रखें जहां दोपहर तक धूप बराबर पहुंचता हो।

 मिट्टी की चयन:-

 छत पर टमाटर उगाने के लिए मिट्टी का सबसे अहम भूमिका होता है।
 अक्सर लोग यही गलती करते हैं भारी मिट्टी भर देते हैं जिससे पानी रुक जाता है और पौधा खराब हो जाता है।

 टमाटर उगाने के लिए मिट्टी कैसी होनी चाहिए?

• मिट्टी हल्की होनी चाहिए
• ऐसी मिट्टी जो पानी जल्दी निकाल दे
• और पोषक तत्वों से भरपूर हो

 सबसे अच्छा मिट्टी का मिश्रण आप घर पर ही बना सकते हैं:-

40% बगीचे की मिट्टी – पौधे को पकड़ देती है
30% गोबर खाद / वर्मी कम्पोस्ट – पोषण देता है
20% रेत या कोकोपीट – मिट्टी को हल्का बनाता है
10% नीम खली – कीट और रोग से बचाव करता है
 
 इस मिश्रण से जड़े अच्छे से फैलती हैं और पौधा मजबूत होता है।

कंटेनर का चयन

छत पर टमाटर उगाने के लिए कंटेनर का चुनाव बहुत जरूरी होता है। क्योंकि टमाटर की जड़ी गहराई तक जाती है। अगर हम छोटा कंटेनर या गमला ले लेंगे जिससे टमाटर की वृद्धि रुक सकती है, और इसका असर सीधे पैदावार पर पड़ सकता है। 

 12 से 15 इंच गहरा कंटेनर या गमला टमाटर उगाने के लिए सबसे अच्छा होता है।
 ध्यान रहे एक गमले में एक ही पौधा लगाए।

 जिस भी चीज में हम पौधा लगा रहे हैं उसमें उसके तल में दो या चार छेद जरूर करें जिससे पानी की निकासी हो सके क्योंकि ज्यादा पानी लगने से पौधा ख़राब हो सकता है।

 अब बने हुए मिट्टी के मिश्रण को अपने grow bag  में या कंटेनर में या गमले में भर दें 

 अब आपका मिट्टी और गमला या कंटेनर तैयार है, टमाटर की बुवाई के लिए अब हम चलते हैं अगली प्रक्रिया की तरफ 


 टमाटर के अच्छी किस्म का चयन:-


 छत पर टमाटर उगाने के लिए हर हर किस्म उपयुक्त नहीं होती कुछ खास किस्म का चुनाव कर हम छत पर टमाटर उगा सकते हैं।
कुछ टमाटर की किस्म बहुत ज्यादा फैली होती हैं और बहुत महंगी होती हैं इसलिए हमें बौनी किस्म ( dwarf varieties) की टमाटर की प्रजातियां का चुनाव करना चाहिए।

  छत के लिए कैसी किस्म का चुनाव करें

 जो कम समय में फल देने वाली हो जो आसानी से उग जाए जो ज्यादा बड़ी ना हो छोटे आकर का पौधा हो और फल भी जिसमें भरपूर आए।

चेरी टमाटर ( सबसे best किस्म ) 
अर्का रक्षक
पूसा रूबी
हाइब्रिड किस्में (जैसे: सिया, नवोदय)


 बीज बोने की विधि और नर्सरी तैयार करना:-

 टमाटर उगाने की शुरुआत बीज बोने से होती है छत पर खेती के लिए सबसे अच्छा तरीका यह है की सबसे पहले हम नर्सरी तैयार कर ले फिर मजबूत पौधे को गमले में transplant कर ले।

कमजोर पौधे न लगाएँ
रोपाई से पहले मिट्टी हल्की नम हो
पहले 5 दिन कोई खाद न दें

 सिंचाई

 छत पर टमाटर उगाने में सबसे ज्यादा गलती पानी देने पर होती है कभी हम ज्यादा पानी देते हैं कभी कम कर देते हैं 

 याद रखने का आसान नियम.
 मिट्टी गीली ना हो लेकिन नम ( moist) होनी चाहिए।

 गर्मियों के दिन में सिंचाई दो बार करनी चाहिए सुबह और शाम यह एक उपयुक्त समय होता है।
 बहुत तेज धूप में पानी नहीं देना चाहिए इससे पौधे झूलस सकते हैं।

 उंगली डालकर मिट्टी चेक करें (2–3 सेमी अंदर)
 ड्रिप बोतल या पाइप से पानी देना best रहता है
 शाम का पानी पौधे को stress से बचाता है


 ज्यादा सिंचाई करने के नुकसान:-

• जड़ सड़ सकती हैं 
पत्तियां पीली पड़ जाती हैं 
•फल और फूल गिरने लगते हैं


Organic Fertilizer & Nutrition for Rooftop Tomato Cultivation:-

 छत पर टमाटर उगाने का सबसे बड़ा फायदा है कि हम पूरी तरीके से ऑर्गेनिक उगा सकते हैं।
 रासायनिक खाद के बजाय हम ऑर्गेनिक खाद का प्रयोग करते हैं जो की धीरे-धीरे पौधों को पोषण प्रदान करती है। और फल को स्वादिष्ट बनती है।

 टमाटर को कौन-कौन सी पोषक तत्व चाहिए:-

नाइट्रोजन (N) – पत्तियों की अच्छी बढ़वार के लिए
फॉस्फोरस (P) – जड़ों और फूलों के लिए
पोटाश (K) – फल बनने और आकार के लिए
कैल्शियम और बोरॉन – फूल गिरने से रोकने के लिए


 दो या तीन केले के छिलके को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखने फिर उसे पानी से पौधों पर छिड़काव करें 

 अंडे की छिलके को सुखाकर पीस ले एक चम्मच अंडे का छिलका प्रति गमले पर गमले में डाला करें इससे काफी अच्छा परिणाम देखने को मिलता है

Extra tips:-

कम-कम लेकिन नियमित खाद दें
फूल आने के समय पोटाश बहुत ज़रूरी है
Organic खेती में patience सबसे बड़ा fertilizer है

 फूल गिरने की समस्या:-

 करण 

 बहुत ज्यादा गर्मी
 पानी की कमी या ज्यादा पानी 
कैल्शियम या boron की कमी

 इन समस्याओं की वजह से पौधों का फूल गिरने लगता है। इस अवस्था पर हमें विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। पौधों की अच्छी तरह से देखभाल और उसमें जो भी कमियां हो उसे पूरा करने करना हमारी जिम्मेदारी होती है।

 समाधान

नियमित सिंचाई करें 
किला के छिलका का घोल दे 
अंडा के छिलके का पाउडर दे 


 तुड़ाई harvesting 


  आमतौर पर टमाटर 70 से 90 दिन पर तुड़ाई के लिए तैयार रहते हैं।


 तुड़ाई का सही समय:-

 हल्का लाल रंग आने पर टमाटर टमाटर की harvesting कर लेनी चाहिए।
 Harvesting हमेशा सुबह के समय करना चाहिए।

 तुड़ाई के फायदे:-

 लगातार फल आते रहते हैं,पौधे स्वस्थ रहते हैं।

 एक पौधे से दो-चार किलो टमाटर आसानी से निकल जाते है।
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