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Photosynthesis step by step easy language | प्रकाश संश्लेषण आसान भाषा मे समझे



 प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis)

प्रत्येक जीव धारी को अपनी जीवन क्रियाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा भोजन से प्राप्त होती है। हरे पौधे अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, पौधों की जीवित कोशिकाओं द्वारा पूर्ण हरित तथा सूर्य प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल के संयोग से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण क्रिया photosynthesis कहलाती है इस प्रक्रिया में O₂ निकलती है इस क्रिया को कार्बन स्वअंगीकारण carbon assimilation भी कहते हैं। Iron निम्नलिखित समीकरण द्वारा प्रदर्शित करते हैं:-

Formula of photosynthetic process:-


6CO₂ + 6H₂O + Light energy (sunlight) → C₆H₁₂O₆ + 6O


CO₂ (Carbon dioxide) → हवा से

H₂O (Paani) → मिट्टी से

Light energy →सूर्य का प्रकाश

C₆H₁₂O₆ (Glucose) → पौधे का भोजन

O₂ (Oxygen) → हवा मे मिल जाता है 

Flow chart of photosynthetic process:-

Sunlight

   ↓

Chlorophyll absorbs light energy

   ↓

Carbon dioxide (from air) + Water (from soil)

   ↓

Chemical reaction in leaf cells

   ↓

Glucose (food) is formed

   ↓

Oxygen is released into the atmosphere

 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (historical background)

 16वीं सदी तक यह माना जाता है कि पौधे अपनी जड़ों द्वारा भूमि से भोजन प्राप्त करते हैं अरस्तु तथा जैसे लोग भी इसी मत के समर्थक थे। 

 वान हेल्मोंट ( von Helmont 1577-1644ने बताया कि पौधों के बाहर में वृद्धि केवल जल के कारण होती है।

 जोसेफ प्रीस्टले ( Joseph priestley 1772 ) ने बताया कि पौधे अशुद्ध वायु को शुद्ध करते हैं।

 इंजन हाउज(ingen housz 1775का मत था की पौधे केवल सूर्य की प्रकाश में ही अशुद्ध वायु को शुद्ध करते हैं।

 जींन senebier ने 1782 में प्रयुक्त विचारों को अधिक स्पष्ट किया और बताया कि हरि पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन बाहर निकलते हैं।

 नीकोलस थेओडोर  ने 1804 में बताया की हरे पौधे द्वारा अशुद्ध वायु को शुद्धिकरण की क्रिया में CO₂ के साथ जल भी लिया जाता है तथा बहार निकली O₂ की मात्रा के बराबर होती है, इस क्रिया में पौधे की भार में वृद्धि होती है।

 जूलियस रॉबर्ट मेयर ने 1845  सबसे पहले बताया कि उपर्युक्त क्रिया में सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा( light energy )रासायनिक ऊर्जा(chemical energy) में परिवर्तित हो जाती है जो पौधों में कार्बनिक पदार्थ के रूप में संचित हो जाती है।

Light energy convert into chemical energy. 

 इसके बाद ब्लैकमैन 1905 विल  1918 और हिल 1937 रूबेन 1941 आदि ने प्रकाश संशलेशन की क्रिया पर काफी कार्य किया इस क्रिया का आधुनिक ज्ञान मुख्यतः कालविन रॉबर्ट जॉनसन तथा अर्नान आदि के अनुसंधान पर आधारित है।

  प्रकाश संश्लेषण में ऑक्सीजन के निष्कासन का प्रदर्शन:- 

 इस प्रयोग के लिए H₂O से भरे बीकर में हाइड्रिला( hydrilla) नमक जलीय पौधे की शाखाएं रखकर उन्हें छोटी डंडी वाली कांच की एक कप से ढक देते हैं पानी में थोड़ी सोडियम बाइकार्बोनेट मिला देते हैं जिससे पौधे को पर्याप्त CO2 मिलता रहे। कप की डंडी पर जल से जल से भरी एक परखनली उल्टी खड़ी कर देते हैं और उपकरण को धूप में रख देते है, कुछ समय बाद हमें हाइड्रिला के पौधे से गैस के बुलबुले उठते दिखाई देते हैं जो कप की डंडी से होते हुए परखनली में ऊपर एकत्र होने लगते  हैं। इससे परखनली में जल का तल नीचे गिर जाता है। परखनली को हटाकर इसमें सुलगता तिनका ले जाने पर वह तेजी से जलने लगता है। जिससे ज्ञात होता है कि यह गैस ऑक्सीजन है।  इस प्रयोग से सिद्ध होता है, कि प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में ऑक्सीजन गैस निकलती है।

 प्रकाश संश्लेषण की क्रिया विधि:-

 प्रकाश संश्लेषण एक अत्यंत जटिल जैव रासायनिक( bio chemical)  प्रक्रिया है। इसमें अनेक अभिक्रियाओं का समावेश है।
यह अभिक्रियाएं मुख्यतः दो भाग में विभाजित की जा सकती हैं,

 1. प्रकाश अभिक्रिया (light reaction)
 2. अप्रकाश अभिक्रिया (dark reaction

 Light reaction प्रकाश संश्लेषण की पहली अवस्था होती है। यह reaction क्लोरोप्लास्ट के थायलेक्वाइड ( thylokoid membrane) मे होती है, और इसके लिए सूर्य का प्रकाश बहुत महत्वपूर्ण होता है।
 इस चरण में क्लोरोप्लास्ट sunlight को अवशोषित करता है। जल का अपघटन( photolysis of water )होता है। जिससे ऑक्सीजन ( oxygen)  निकलता है, और ATP और NADPH का निर्माण होता है।
 Light reaction से बने ATP और NADPH का उपयोग dark reaction ( Calvin cycle)  में भोजन निर्माण के लिए उपयोग में लिया जाता है।
 
 Dark reaction प्रकाश संश्लेषण की दूसरी अवस्था होती है। इसको Calvin cycle भी कहते हैं। Chloroplast के stroma मे होती है। इस प्रक्रिया में light reaction से बने ATP और NADPH का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड से भोजन ( GLUCOSE )  का निर्माण किया जाता है।
 डार्क रिएक्शन में सीधे Light की आवश्यकता नहीं होती है।





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